














उत्तराखंड की दुर्गम पहाड़ियों में लगभग 7000 फीट की ऊंचाई पर चम्पावत जिले में मानव मंदिर मिशन द्वारा संचालित आचार्यश्री रूपचन्द्र ऑनलाइन/नियमित शिक्षण प्रकल्प और नई सोच, नई पहल के अंतर्गत तल्लादेश तामली शिशु मंदिर में एक दिव्य और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का नेतृत्व प्रकल्प समन्वयक मास्टर दिनेश जोशी जी, प्रधानाचार्य कमल जी एवं विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण परमपूज्य आचार्यश्री रूपचन्द्र जी महाराज के शिष्य एवं अंतर्राष्ट्रीय योगगुरु श्री अरुण योगी जी की उपस्थिति रही। उनके दिव्य सानिध्य ने पूरे क्षेत्रवासियों को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया।
मातृ सेवा और विद्यार्थियों को उपहार
इस अवसर पर महासती मंजुलाश्री मातृ सेवा प्रकल्प के अंतर्गत 50 माताओं को शाल, स्वेटर एवं च्यवनप्राश वितरित किए गए, जिससे वे सर्दी के मौसम में स्वस्थ एवं सुरक्षित रह सकें। साथ ही, विद्यालय के सभी बच्चों को गर्म कपड़े प्रदान किए गए, जिससे वे ठंड से बचाव के साथ अपनी शिक्षा में आगे बढ़ सकें।
बाल कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें नृत्य, गीत और नाट्य प्रदर्शन शामिल थे। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और भारतीय संस्कृति की गरिमा को पुनर्जीवित किया।
गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष आदरणीय शंकर पांडे जी, क्षेत्र के ग्राम प्रधान, पूर्व जनप्रतिनिधि एवं कई गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की भव्यता में चार चाँद लगाए। उन्होंने इस पुनीत कार्य की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
मानव मंदिर मिशन ट्रस्ट की विशेष सहभागिता
इस आयोजन को सफल बनाने में मानव मंदिर मिशन ट्रस्ट टीम की विशेष भूमिका रही। उनकी निःस्वार्थ सेवा और समर्पण ने इस कार्यक्रम को न केवल सफल बल्कि प्रेरणादायक बना दिया।
यह आयोजन सेवा, शिक्षा और संस्कृति के अद्भुत संगम का एक उदाहरण बनकर तल्लादेश तामली के लिए प्रेरणा स्रोत साबित हुआ।