पूज्य गुरुदेव जी के सान्निध्य में श्रद्धांजलि सभा
पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री रूपचन्द्रजी महाराज की अनन्य भक्त डॉ. अंजना गुप्ताजी (मिडलैंड-ओडेसा, टेक्सास, अमेरिका प्रवासी) की माताश्री स्वर्गीय स्नेहलता जी अपने देह त्याग कर परमात्मा में विलीन हो गईं। मानव मंदिर परिवार के मध्य, पूज्य गुरुदेवजी के पावन सान्निध्य में उनकी स्मृति सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर मानव मंदिर गुरुकुल की छात्रा दिव्या…

डिजिटल रूपरेखा
संगठन के भीतर चल रही सभी गतिविधियों, परियोजनाओं और घटनाओं के बारे में “रूप रेखा” नामक एक मासिक पत्रिका भी 1998 से प्रकाशित की जा रही है। इसे हर महीने देश के साथ-साथ देश के बाहर ट्रस्ट से जुड़े सदस्यों को विशेष रूप से निःशुल्क वितरित किया जाता है। वर्तमान में, 6,000 से अधिक ग्राहक इसे हर महीने प्राप्त करते हैं।

सच्चं भयवं
आचार्यश्री रूपचंद्र जी महाराज भारतीय धर्म-दर्शन के विविध आयामों के विद्वतवरेण्य प्रवक्ता हैं। आपका व्यक्तित्व सदानीरा की भांति रसगर्भ है। आपमें एक कवि की संवेदना, संत की करुणा, मनीषी की पारमिता दृष्टि, लोकनायक की उत्प्रेरणा, समन्वय तथा शांति के मसीहा की निर्मल भावना विविध रूपों में मुखरित है। आपकी जीवनधारा में साधना, स्वाध्याय, पदयात्राएं, मनीषियों से सम्पर्क, लोक जीवन में शाश्वत मानवीय मूल्यों के उन्नयन की प्रेरणा, इन सबका समवेत प्रसार तथा विकास होता रहा है।




