







गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर यमुना जी के वात्सल्य क्षेत्र में स्थित बांसेरा पार्क में मानव मंदिर मिशन और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के संयुक्त तत्वावधान में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गोल्डन बैम्बू के 100 पौधे रोपित किए गए।
कार्यक्रम में मानव मंदिर मिशन के उपाध्यक्ष पूज्यश्री अरुण योगी जी महाराज, महामंत्री डॉ. अरुण प्रकाश जी, पार्क प्रभारी एवं सहायक अभियंता श्री प्रदीप मौर्य जी, श्री पदम जी, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री देवांशु झा जी, उद्यमी श्री शशिदेव मिश्र जी, आचार्य रूपचन्द्र वर्चुअल शिक्षण प्रकल्प के श्री दिनेश जोशी जी सहित मानव मंदिर मिशन और डीडीए की टीम ने सहभागिता की।
मानव मंदिर मिशन की ओर से कार्यक्रम का संयोजन श्री वेदांत दुबे जी एवं योगी शिवांग जी ने किया।
इस अवसर पर पूज्यश्री अरुण योगी जी महाराज ने गुरु पूर्णिमा और वृक्षारोपण के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत प्रयास के लिए डीडीए के अधिकारियों एवं पूरी टीम को साधुवाद दिया।
डॉ. अरुण प्रकाश जी ने बांस के सांस्कृतिक और दार्शनिक प्रतीक को स्पष्ट करते हुए कहा-
“बांस के लिए संस्कृत में वंश शब्द का प्रयोग होता है। बांस निरंतर बढ़ता है, अपनी संतति का विस्तार करता है और ऋतु-परिवर्तन के बीच भी अपनी हरियाली बनाए रखता है। इसी जीवनशक्ति को आधार बनाकर भारतीय ऋषि-परम्परा ने कामना की कि हमारा कुल भी इसी प्रकार पल्लवित और विस्तृत होता रहे। संभवतः इसी सांस्कृतिक भावभूमि में कुल-परम्परा के लिए ‘वंश’ शब्द प्रतिष्ठित हुआ।
वंश केवल पिता का ही नहीं, गुरु का भी होता है। आज गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर हम प्रार्थना करते हैं कि पिता और गुरु दोनों को समर्थ, संस्कारित और लोकमंगल के प्रति समर्पित वंश प्राप्त हो।”

